ओमान, कुवैत और बहरीन में ग्रेच्युटी: नौकरी छोड़ने पर अब कितना पैसा मिलता है

men wearing safety helmets

ग्रेच्युटी पर हमारा पिछला लेख सऊदी अरब, यूएई और कतर तक सीमित था। ओमान, कुवैत और बहरीन को हमने जानबूझकर छोड़ दिया था, क्योंकि उनके नियम हमने ठीक से जाँचे नहीं थे। किसी की मेहनत के पैसे के बारे में अंदाज़ा लगाकर लिखने से बेहतर है चुप रहना। अब तीनों देशों के नियम जाँचकर यहाँ दे रहे हैं।

बहरीन वाला हिस्सा ध्यान से पढ़िए, भले ही आपको लगता हो कि आप ग्रेच्युटी का हिसाब जानते हैं। बहरीन ने 2024 में पूरी व्यवस्था ही बदल दी है, और वहाँ आज भी बहुत से मज़दूर यह मानकर बैठे हैं कि आख़िर में एकमुश्त रकम कंपनी देगी — जबकि अब वह रकम कंपनी से आएगी ही नहीं।

ओमान: अब हर साल का एक महीना, पुराने सालों का हिसाब अलग

ओमान ने 2023 में अपना श्रम कानून बदला (रॉयल डिक्री 53/2023) और ग्रेच्युटी की दर बढ़ा दी। नए कानून में विदेशी कर्मचारी को हर साल की नौकरी पर कम से कम एक महीने की मूल तनख़्वाह (basic salary) मिलती है, और साल से कम अवधि का हिसाब उसी अनुपात में बनता है। यह दर 1 अगस्त 2023 से आगे की नौकरी पर लागू होती है।

उस तारीख़ से पहले की नौकरी पर पुरानी दर ही चलेगी: पहले तीन साल के लिए हर साल 15 दिन की मूल तनख़्वाह, और उसके बाद हर साल एक महीना। श्रम मंत्रालय ने साफ़ किया है कि कंपनी को हिसाब दो हिस्सों में करना होगा — पुराने सालों पर पुरानी दर, नए सालों पर नई दर। पूरी नौकरी पर एक ही दर लगाना ग़लत है।

यानी अगर आप 2019 में जुड़े थे और इस साल छोड़ रहे हैं, तो आपके सेटलमेंट में दो हिस्से दिखने चाहिए। अगर कंपनी का काग़ज़ सात साल पर एक ही दर दिखा रहा है, तो पूछिए कि कौन-से साल किस दर से जोड़े गए हैं।

एक बात और जान लीजिए। ओमान ने विदेशी कर्मचारियों के लिए एक बचत योजना (savings scheme) कानून में डाल दी है, जो आगे चलकर एकमुश्त ग्रेच्युटी की जगह ले लेगी — कंपनी हर महीने एक फंड में पैसा जमा करेगी। यह योजना अभी लागू नहीं हुई है। रॉयल डिक्री 60/2025 के तहत इसकी शुरुआत एक साल टालकर 19 जुलाई 2027 कर दी गई है। तब तक ऊपर बताई गई ग्रेच्युटी ही लागू है। कोई यह कहकर आपका हक़ न काटे कि “अब तो नई स्कीम आ गई है” — तारीख़ और शुरुआत की पुष्टि श्रम मंत्रालय (mol.gov.om) से ही मानिए।

कुवैत: 15 दिन, फिर एक महीना, ज़्यादा से ज़्यादा 18 महीने

कुवैत के निजी क्षेत्र के श्रम कानून (कानून संख्या 6, सन् 2010, अनुच्छेद 51) में कर्मचारियों की दो श्रेणियाँ हैं, और दर इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस श्रेणी में हैं।

  • अगर तनख़्वाह महीने के हिसाब से मिलती है: पहले पाँच साल के लिए हर साल 15 दिन की तनख़्वाह, उसके बाद हर साल एक महीने की तनख़्वाह। कुल रकम डेढ़ साल की तनख़्वाह (18 महीने) से ज़्यादा नहीं हो सकती।
  • अगर तनख़्वाह रोज़, हफ़्ते, घंटे या काम (piece rate) के हिसाब से मिलती है: पहले पाँच साल के लिए हर साल 10 दिन, उसके बाद हर साल 15 दिन। कुल रकम एक साल की तनख़्वाह से ज़्यादा नहीं हो सकती।

दूसरी श्रेणी पर ध्यान दीजिए। निर्माण और ठेकेदारी में काम करने वाले बहुत से लोग रोज़ या काम के हिसाब से तनख़्वाह पाते हैं, और उनकी ग्रेच्युटी कम दर से बनती है और उसकी ऊपरी सीमा भी कम है। अगर आपको पक्का नहीं पता कि आप किस श्रेणी में हैं, तो आपके रजिस्टर्ड कॉन्ट्रैक्ट में लिखा होगा कि तनख़्वाह किस आधार पर तय है।

इस्तीफ़ा देने पर रकम घट जाती है, लगभग वैसे ही जैसे सऊदी अरब में। अनिश्चित अवधि (unlimited period) के कॉन्ट्रैक्ट से इस्तीफ़ा देने पर: तीन साल से कम पर कुछ नहीं, तीन से पाँच साल पर आधा, पाँच से दस साल पर दो-तिहाई, और दस साल या उससे ज़्यादा पर पूरी रकम।

एक बात हम तय नहीं कर पाए: कुवैत में हिसाब सिर्फ़ मूल तनख़्वाह पर बनता है या भत्तों समेत पूरी तनख़्वाह पर, इस पर स्रोत आपस में मेल नहीं खाते। कानून में शब्द “वेतन” (wage) है, और व्यवहार में कंपनियाँ अलग-अलग तरीक़े से लगाती हैं। जिस आँकड़े पर हज़ारों दीनार टिके हों, उस पर हम अंदाज़ा नहीं लगाएँगे। कंपनी से हिसाब लिखित में माँगिए — जिसमें दिखे कि कौन-सा वेतन आँकड़ा इस्तेमाल हुआ — और उसे Public Authority for Manpower (manpower.gov.kw) में दर्ज अपने कॉन्ट्रैक्ट से मिलाइए।

बहरीन: अब आपकी ग्रेच्युटी कंपनी के पास नहीं है

यही बदलाव लोगों को चौंकाता है। 1 मार्च 2024 से बहरीन में निजी क्षेत्र के विदेशी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी कंपनी जमा करके आख़िर में नहीं देती। अब कंपनी हर महीने सामाजिक बीमा संगठन (Social Insurance Organisation — SIO) में अंशदान जमा करती है, और नौकरी ख़त्म होने पर आप रकम SIO से माँगते हैं, कंपनी से नहीं।

अंशदान की दर है: नौकरी के पहले तीन साल तक मासिक वेतन का 4.2%, और उसके बाद 8.4%। जिनकी नौकरी 1 मार्च 2024 को ही तीन साल से ज़्यादा हो चुकी थी, उन्हें सीधे 8.4% की दर पर रखा गया। कंपनी को यह रकम हर महीने के पहले 15 दिनों के भीतर जमा करनी होती है, और देर से जमा करने या न करने पर जुर्माना लगता है।

1 मार्च 2024 से पहले की नौकरी पर पुरानी व्यवस्था ही लागू है और वह हिस्सा कंपनी सीधे आपको देगी: श्रम कानून के अनुच्छेद 116 के तहत पहले तीन साल के लिए हर साल आधे महीने का वेतन, और उसके बाद हर साल एक महीने का वेतन।

यह बदलाव मज़दूरों के लिए फ़ायदेमंद है, बशर्ते आप इसका इस्तेमाल करें। पुरानी व्यवस्था में आपको आख़िरी दिन तक पता ही नहीं चलता था कि कंपनी के पास आपके पैसे हैं भी या नहीं। अब हर महीने का रिकॉर्ड एक सरकारी संस्था के पास दर्ज होता है, इसलिए कमी नौकरी के दौरान ही सामने आ जाती है — जब आप कुछ कर भी सकते हैं। आख़िरी हफ़्ते का इंतज़ार मत कीजिए, अपना रिकॉर्ड SIO की वेबसाइट sio.gov.bh पर समय-समय पर जाँचते रहिए।

तीनों देशों में यह ज़रूर कीजिए

  • दफ़्तर की कॉपी नहीं, रजिस्टर्ड कॉन्ट्रैक्ट लीजिए। हिसाब उसी तनख़्वाह पर बनता है जो सरकार के पास दर्ज है। हर खाड़ी देश में अपना स्टेटस और काग़ज़ ऑनलाइन जाँचने की गाइड में देखिए कि कहाँ देखना है।
  • अपनी तारीख़ें लिखकर रखिए। जुड़ने की तारीख़ और आख़िरी कार्यदिवस, दिन तक सही। ओमान और बहरीन में यही तय करता है कि कौन-से साल किस दर से जुड़ेंगे।
  • हिसाब लिखित में माँगिए — कुछ भी दस्तख़त करने से पहले। उसमें दिखे कि कौन-सा वेतन आँकड़ा लिया गया, कितने साल गिने गए, और किस हिस्से पर कौन-सी दर लगी।
  • जिस सेटलमेंट से आप सहमत नहीं, उस पर दस्तख़त मत कीजिए। एक बार “फ़ुल एंड फ़ाइनल” पर दस्तख़त हो गए तो बाद में लड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।
  • रकम कम लगे तो शिकायत कीजिए। तीनों देशों में श्रम शिकायत दर्ज कराना मुफ़्त है। शिकायत दर्ज कराने की चरण-दर-चरण गाइड पूरी प्रक्रिया समझाती है।

भरोसा करने से पहले जाँच लीजिए

इन तीनों देशों ने पिछले तीन साल में अपने नियम बदले हैं, और दो में आगे और बदलाव तय हैं। पुराने आँकड़े इंटरनेट पर सच न रहने के बाद भी सालों तक घूमते रहते हैं। किसी असली विवाद में कोई आँकड़ा इस्तेमाल करने से पहले उसे सीधे स्रोत पर जाँचिए: ओमान में श्रम मंत्रालय (mol.gov.om), कुवैत में Public Authority for Manpower (manpower.gov.kw), और बहरीन में SIO (sio.gov.bh) तथा LMRA (lmra.gov.bh)।

ग्रेच्युटी अच्छे बर्ताव का इनाम नहीं है। यह आपकी हर साल की कमाई हुई रकम है और उसका फ़ॉर्मूला कानून में लिखा है। बातचीत शुरू होने से पहले अपना आँकड़ा ख़ुद जान लीजिए।

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